Dr. Krupesh Thacker

Singer-Songwriter | Author I Music Therapist I Entrepreneur I Change-maker

श्रेष्ठ पुस्तक पारितोषिक – हिंदी | Best Book Award – Hindi

  • Award: श्रेष्ठ पुस्तक पारितोषिक – हिंदी (Best Book Award – Hindi)
  • Given by: हिंदी साहित्य अकादमी (Hindi Sahitya Academy, Gujarat)
  • Book: अर्जुन उवाचः माँ पर्व (Arjun Uvacha: Maa Parv)
Dr Krupesh Arjun Uvacha Maa Parv Book Award Coverage Divyabhaskar 8 Feb 2026
Arjun Uvacha Maa Parv Book Award Divyabhaskar Coverage
Dr Krupesh Arjun Uvacha Maa Parv Book Award Coverage Sandesh 4 Feb 2026
Dr Krupesh Book Award Coverage Sandesh
"Arjun Uvacha: Maa Parv" Hindi book by author Dr. Krupesh Thacker. The book is published by Krup Publishing.
“Arjun Uvacha: Maa Parv” Hindi book

“अर्जुन उवाच: माँ पर्व” लेखक डॉ. कृपेश ठाक्कर द्वारा लिखित एक हिंदी पुस्तक है, जिसे कृप पब्लिशिंग द्वारा प्रकाशित किया गया है। “ध अर्जुन उवाच” श्रृंखला की दूसरी कड़ी के रूप में यह पुस्तक एक मार्मिक वास्तविक जीवन कथा प्रस्तुत करती है, जिसमें एक पिता, उनकी 10 वर्षीय बेटी वाचा और 5 वर्षीय पुत्र पर्व एवं पत्नी डॉ। पूजा शामिल हैं।

यह चारों मिलकर सनातन भारतीय संस्कृति के अनुरूप माँ के विविध स्वरूपों को समझने की एक परिवर्तनकारी यात्रा पर निकलते हैं। “माँ कौन है?” जैसे मूलभूत प्रश्न से आरंभ होकर यह कथा मातृत्व के ग्यारह भिन्न-भिन्न रूपों की खोज तक विकसित होती है। इस प्रभावशाली कथानक में महाभारत के युद्धक्षेत्र से ज्ञान के साधक अर्जुन, लेखक डॉ. कृपेश को अपना ज्ञान प्रदान करते हैं। दोनों का यह संवाद सनातन संस्कृति में निहित गूढ़ संदेशों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का माध्यम बनता है, जिसकी प्रेरणा भगवद्गीता के शाश्वत ज्ञान से ली गई है। लेखक ने भगवद्गीता की शिक्षाओं को कथा के ताने-बाने में अत्यंत कुशलता से पिरोया है, जिससे यह कहानी पाठकों के मन को गहराई से स्पर्श करती है।

इस पुस्तक के माध्यम से डॉ. कृपेश माँ के विविध स्वरूपों का उत्सव ऐसे ढंग से मनाते हैं जो न केवल सहज और संबंधपूर्ण है, बल्कि ज्ञानवर्धक भी है। यह कृति पाठकों को भगवद्गीता के रहस्यों और उनके आधुनिक जीवन में महत्व पर एक अनूठा दृष्टिकोण प्रदान करती है।

इस पुस्तक को हिंदी साहित्य अकादमी, गुजरात द्वारा हिन्दी भाषा 2023 का “श्रेष्ठ पुस्तक पारितोषिक” प्रदान किया गया है। इस पुस्तक से पूर्व “अर्जुन उवाच: द स्पिरिचुअल यात्रा” प्रकाशित हो चुकी है, जो “ध अर्जुन उवाच” श्रृंखला की पहली पुस्तक है।